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आतंकी फंडिंग को लेकर एफएटीएफ पाकिस्तान को पहले ही ग्रे लिस्ट में डाल चुका है, अब पाकिस्तान को वित्ती

आतंक के आका पाकिस्तान को इस बार FATF की 'ग्रे लिस्ट' रुलाएगी!

इस्लामाबाद (पीटीआइ)। आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। आतंकी फंडिंग को लेकर एफएटीएफ पाकिस्तान को पहले ही ग्रे लिस्ट में डाल चुका है और अब कहा जा रहा है कि इसका खामियाजा भी पाकिस्तान को उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से वित्तीय संकट झेल रहे पाकिस्तान को और अधिक वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने में विफल होने के कारण फ्रांस के संगठन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को दोबारा ग्रेस सूची में डाले जाने से व्यवसाय लागत बढ़ जाएगी।

बता दें कि 27 जून को पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यदल फोर्स (एफएटीएफ) 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया है, क्योंकि वह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को वित्त पोषित करने के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य अवैध लेनदेन को रोकने के लिए कदम उठाए जाने में विफल रहा था। हालांकि मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस कदम से पाकिस्तान को तुरंत प्रभावित नहीं किया जा सकता है, लेकिन आने वाले दिनों में इसका प्रभाव महसूस किया जा सकता है। क्योंकि बैंकरों ने कहा है कि व्यवसाय करने की लागत बढ़ जाएगी। पिछली बार 2012-15 के दौरान एफएटीएफ ने पाकिस्तान पर ऐसी ही कार्रवाई की थी। अब कहा जा रहा है कि पिछली बार से बेकार स्थिति इस बार देखने को मिल सकती है।

एक बैंक कर्मचारी हुसैन लवाई ने डॉन अखबार को बताया, 'इस ग्रे सूची के कारण व्यवसाय करने की लागत अधिक होगी लेकिन यह कुछ कठिनाइयों वाले बैंकों के लिए प्रबंधनीय है।' उन्होंने कहा, 'हम 2012-2015 के दौरान भी इसी ग्रे सूची में थे, लेकिन हम व्यवसाय करना जारी रखने में कामयाब रहे थे।' हालांकि पिछले बार की तुलना में इस बार स्थिति अलग है, क्योंकि हबीब बैंक, यूनाइटेड बैंक और नेशनल बैंक जैसी पाकिस्तान की बड़ी बैंक कररेस्पोंडिंग बैंकिंग चैनल के रूप में काम नहीं कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक 2012-2015 के दौरान परिचालन में थीं, जिससे व्यापार और बैंकिंग को आसानी से चलाने में मदद मिली

फिर ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान

पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, पेरिस में 24 से 29 जून को एफएटीएफ की समीक्षा बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में 9वें स्थान पर रखा गया। पाकिस्तान के अलावा ग्रे लिस्ट में 8 अन्य देशों इथियोपिया, सर्बिया, श्रीलंका, सीरिया, त्रिनिदाद और टोबेगो, ट्यूनीशिया और यमन शामिल हैं। पाकिस्तान को इससे पहले 2012 से 2015 के दौरान भी ग्रे सूची में शामिल किया गया था।

पाकिस्तान में आतंकियों को फंडिंग जारी : रिपोर्ट

एफएटीएफ की समीक्षा बैठक में पाकिस्तान द्वारा आतंकी फंडिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट पेश की थी। पाकिस्तान ने अगले 15 महीने में आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए 26 सूत्रीय एक्शन प्लान पेश किया। एफएटीएफ ने इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप (आइसीआरजी) की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया। आइसीआरजी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सीमा पार से हो रही फंडिंग को रोकने में नाकाम रहा है।

Input:  जागरण