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मानसून 17 दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया है। बारिश से लोगों को राहत तो मिली लेकिन कई जगह आफन भी

17 दिन पहले ही देशभर में छा गया मानसून, राहत के साथ आफत भी बनी बारिश

नई दिल्ली (जेएनएन)। मानसून सामान्य तिथि से 17 दिन पहले शुक्रवार को पूरे देश में पहुंच गया। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि मानसून अपने अंतिम पड़ाव पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर में पहुंच गया है, जहां इसके पहुंचने की सामान्य तिथि 15 जुलाई है।

मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मानूसन एक जुलाई को पूरे देश में पहुंच बनाता है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान में देर से बारिश होती है। उधर उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के बाद राहत मिली है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद शुक्रवार को भी यह सिलसिला कई स्थानों पर जारी रहा। राज्य में तापमान गिरने से लोगों को राहत महसूस हुई।

पंजाब में एक सप्ताह तक रुक-रुक कर होगी बारिश
मानसून की पहली बारिश के बाद पंजाब के मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को भी कई जिलों में सुबह व शाम को बारिश हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राज्य में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस बीच होशियारपुर के चब्बेवाल थाना में सुविधा केंद्र में तैनात कांस्टेबल कमलजीत (29) की नाले में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वह गुरुवार को बारिश के दौरान पासपोर्ट की इंक्वायरी के लिए गांव गोपालियां की तरफ जा रहे थे।

उत्तराखंड के गांव में आधी रात को घुसा मलबा, अफरातफरी
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। पिथौरागढ़ में जबरदस्त बारिश से जारा जिवली तोक समाल गांव में पहाड़ी से भूस्खलन के साथ मलबा घुस गया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। आधी रात को ग्रामीण सुरक्षित स्थान की ओर भागे। कुछ घरों के साथ ही खेत मलबे से पटे हुए हैं। इसके अलावा चार धाम यात्रा मार्गों पर भी मलबा आने का सिलसिला जारी रहा। मलबे के कारण यमुनोत्री हाईवे रात करीब आठ बजे फिर बंद हो गया। केदारनाथ हाईवे पर भी यातायात बाधित होता रहा।

मार्ग में फंसे आदि कैलास यात्री
मौसम खराब होने के साथ ही पैदल मार्ग पर जगह-जगह मलबा आने से आदि कैलास यात्री फंसे रहे। शुक्रवार सुबह पिथौरागढ़ जिले में आधार शिविर धारचूला से आदि कैलास रवाना हुआ 10 सदस्यीय दल महज दो किलोमीटर आगे मलबा आने से करीब चार घंटे फंसा रहा।

अलकनंदा के बढ़े पानी में घंटे भर फंसे रहे 25 मजदूर
उत्तराखंड में श्रीनगर जलविद्युत परियोजना के कोटेश्वर स्थित डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से अलकनंदा नदी में पानी का जलस्तर बढ़ गया। इससे 25 मजदूर घंटे भर फंसे रहे।

हिमाचल में हजारों पर्यटकों ने भूखे-प्यासे बिताई रात
जम्मू कश्मीर के लेह व हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति जिले की सैर पर निकले हजारों पर्यटकों को नालों में बाढ़ आने से गाड़ियों में भूखे-प्यासे रात बितानी पड़ी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग, लाहुल के पागलनाला, तेलगनाला तथा जगजिगबार के समीप नाले में बाढ़ आने से गुरुवार सुबह से शुक्रवार शाम तक करीब 30 घंटे तक अवरूद्ध रहा। इससे हजारों सैलानी फंसे रहे। अधिकतर गाड़ी में भूखे-प्यासे सोने को मजबूर हुए।

राजस्थान में राहत के साथ आफत भी बनी बारिश
राजस्थान में बारिश राहत के साथ कुछ क्षेत्रों में आफत भी लेकर आई है। कोटा के रामगंजमंडी में शुक्रवार को तेज बारिश के कारण 10 साल का एक बच्चा नाले में बह गया। रात तक बच्चे की तलाश जारी थी। प्रतापगढ़ जिले में गुरुवार से ही तेज बारिश का दौर जारी होने के कारण नदियां उफान पर हैं। राज्य में दो दिनों में बारिश के कारण हुए हादसों में सात लोगों की मौत हुई है।

जम्मू कश्मीर में जानलेवा हुआ मौसम, दो की मौत
जम्मू कश्मीर में दो दिनों से हो रही बारिश जानलेवा बनती जा रही है। बिगड़े मौसम से शुक्रवार को दो लोगों की मौत हो गई। इसमें किश्तवाड़ में बारिश के दौरान पेड़ गिरने से महिला की मौत हो गई, जबकि अखनूर के खौड़ में एक व्यक्ति की नाले में तेज बहाव में बहने से जान चली गई। उधर जम्मू में तवी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के बीच छह मछुआरे फंस गए, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान तक पहुंच गया।

Input:  Jagran