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शरीर में कमजोरी नहीं सेहत को दुरुस्त रखता है रक्तदान, ये है वजह

रक्तदान कर आप किसी का जीवन तो बचा ही सकते हैं, ऐसा करना आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद है। रक्तदान करने से गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है। हर साल लाखों लोग समय पर खून न मिलने की वजह से दम तोड़ देते हैं। रक्तदान को लेकर सामाजिक संगठन और सरकार भी जागरुकता अभियान चलाती है, लेकिन लोगों को लगता है कि रक्तदान करने से सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। आप भी अगर ऐसा सोचते हैं, तो अपनी सोच बदलिए। रक्तदान करने से सेहत बिगड़ती नहीं है बनती है।

रक्तदान को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह होता है कि साल में एक बार से ज्यादा रक्तदान नहीं कर सकते, लेकिन ऐसा नहीं है। एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन से छह माह के अंतराल पर रक्तदान कर सकता है। लोगों में यह धारणा है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है और जितना रक्तदान किया है, वह कई महीनों तक बनता भी नहीं है। जबकि हकीकत यह है कि रक्तदान करने से किसी भी तरह की कमजोरी नहीं आती। रक्तदान करने के 24 घंटे के भीतर ही रक्त दोबारा बनना शुरू हो जाता है। रक्तदान को लेकर लोगों के बीच एक गलत धारणा यह भी है कि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और बीमारियां जल्दी जकड़ती हैं। जबकि रक्तदान शरीर को स्वस्थ बनाता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, रक्तदान करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर और ब्लड प्रेशर सही रहता है, खून पतला होता है, जो दिल के लिए फायदेमंद है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, फिनलैंड की एक रिपोर्ट बताती है कि, जो लोग नियमित रक्तदान करते हैं, उनके खून में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और कैंसर का खतरा कम होता है। रक्तदान करने से बढ़ता वजन भी नियंत्रित रहता है। एक यूनिट रक्तदान करने से शरीर की 650 कैलोरी बर्न होती है, जो वजन कंट्रोल करने में सहायक होती है। अगर आप नियमित रूप से रक्तदान करते हैं, तो आपकी याद्दाश्त अच्छी रहती है और आप वृद्धावस्था में अल्जाइमर जैसे रोग से भी बच सकते हैं। 

कौन कर सकता है रक्तदान 
ऐसे व्यक्ति जिन्हें किसी तरह का संक्रामक रोग न हो और उम्र 18 से 60 के बीच हो। वजन 50 किलो या उससे ज्यादा हो, तो ऐसे लोग रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान के लिए सबसे जरूरी है हीमोग्लोबिन का  स्तर सही होना। अगर आपका हीमोग्लोबिन 12.5 या उससे ज्यादा है, तो आप रक्तदान कर सकते हैं। जिन लोगों को बीपी की समस्या, डायबिटिज, किडनी, दिल की बीमारी आैर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी है, तो वे रक्तदान नहीं कर सकते। यदि आपने किसी भी तरह का टीकाकरण कराया है, तो उसके एक माह तक आप रक्तदान नहीं कर सकते। अगर आपको कुछ समय पहले मलेरिया या डेंगू जैसी बीमारी हुई है, तो आप 4 महीने तक रक्तदान नहीं कर पाएंगे। 

जरूरी सावधानी 
अगर आपको कल रक्तदान करना है, तो उससे एक रात पहले खूब पानी पिएं। साथ ही फ्रूट जूस, सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। रक्तदान करने से पहले अगर आप खाली पेट हैं, तो इससे आपकी ही  तबियत बिगड़ सकती है, इसलिए खाली पेट रक्तदान न करें। रक्तदान से तीन घंटे पहले कुछ न खाएं। रक्तदान करते ही तुरंत न उठे, कुछ देर आराम करें। रक्तदान करने के तुरंत बाद गाड़ी चलाना, सिगरेट या शराब का सेवन करना हानिकारक होता है। रक्तदान करने के 24 घंटे तक जरूरत से ज्यादा व्यायाम या खूब मेहनत वाला काम करना सेहत के लिए सही नहीं है।

डॉक्टर कहते हैं
 रक्तदान से नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं, जो शरीर को रोगमुक्त रखने में सहायक हैं। खून में आयरन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे दिल संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। रक्तदान, वजन नियंत्रित करने में भ्ाी मददगार है। रक्तदान से शरीर से विषैले तत्व बाहर आते हैं। रक्तदान से शरीर स्वस्थ रहता है।  
- डॉ. जे.के बसु, सीएमआे, एलएनजेपी हॉस्पिटल, दिल्ली