बुराड़ी केस: 2 रजिस्टरों में ऐसा क्या लिखा था कि 11 लोगों ने जान दे दी?
Monday, 02 Jul 2018

बुराड़ी में भाटिया परिवार के 11 लोगों की मौत की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जो धर्मांधता का शिकार होकर मोक्ष की प्राप्ति के लिए सुसाइड की ओर इशारा कर रहे हैं. घर से दो रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें आध्यात्मिक बातें और मरने के तरीके के बारे में बताया गया है.

क्या मिला है अब तक?

# पुलिस और पड़ोसियों के मुताबिक परिवार बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति का था. इनके घर में पूजा-पाठ चलता रहता था. घर पर बहुत से पुजारी और तांत्रिक जैसे लोग आया करते थे. घटना से एक दिन पहले भी घर पर कीर्तन हुआ था. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकना ही मौत का कारण बताया गया है.

# इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के मुताबिक 30 जून की शाम को परिवार ने बाहर से ऑर्डर करके खाना मंगवाया था. 10.40 बजे खाना आया. इसके बाद और कोई बाहरी आदमी घर में जाता नहीं दिखा है.

# पुलिस सूत्रों के मुताबिक 75 साल की नारायणा देवी दूसरे कमरे में मरी हुई मिलीं. बाकी पूरा परिवार एक ही कमरे में था. आठ लोग वेंटिलेशन के लिए लगे जाल से लटके थे. दो लोग खिड़की से लटके हुए थे. आठ लोगों के हाथ टाइट बंधे हुए थे जबकि दोनों पुरुषों के हाथ ढीले बंधे थे. सभी ने मुंह और आंखों पर पट्टी और कान में रुई डाली हुई थी. कमरे में पांच प्लास्टिक के स्टूल मिले हैं

बुराड़ी के घर में एक ही कमरे में लटके 10 लोग.

बुराड़ी के घर में एक ही कमरे में लटके 10 लोग.

# कमरे के पूजाघर के पास दो रजिस्टर मिले हैं. इन रजिस्टरों में हाथ से आध्यात्मिक बातें लिखी हैं. इन रजिस्टरों में नवंबर 2017 से शुरुआत की तारीख लिखी है. लास्ट एंट्री 25 जून की है. लास्ट एंट्री में मोक्ष पाने के प्रॉसेस जैसा कुछ लिखा हुआ है. एक डायरी भी मिली है. पुलिस डायरी और रजिस्टर की हैंडराइटिंग मिलाकर पता करने की कोशिश कर रही है कि रजिस्टर में ये सब किसने लिखा.

इस रजिस्टर में लिखा है कि मोक्ष पाने के लिए गुरुवार या शनिवार का दिन ठीक रहेगा. मोक्ष की प्रक्रिया शुरू करने से पहले नहाना जरूरी नहीं है. हाथ-मुंह धोना ही ठीक है. आंख, कान और मुंह बंद कर लें, जिससे कोई चिल्लाए नहीं और एक दूसरे को मरते न देख सकें. हाथ भी बांध लें, जिससे फंदा लगने पर एक दूसरे की मदद न कर सकें. साथ ही कैसे फांसी लगाई जाए इसके बारे में भी लिखा है.

माना जा रहा है नारायणा उम्र में ज्यादा बुजुर्ग थीं इसलिए फांसी पर लटकाने में परेशानी होती. ऐसे में उनकी गला घोंट कर हत्या कर दी गई होगी. फंदे से लटकने से पहले खाने में कोई नशीला पदार्थ दिया गया होगा जिससे दर्द न हो.

रजिस्टर में एक जगह लिखा है कि मोबाइल दुखों का एक कारण है. इससे दूर रहना चाहिए. मौत के बाद सब लोगों के मोबाइल दूसरे कमरे की टेबल के एक दराज में साइलेंट मोड पर रखे हुए थे. पुलिस सबके कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है. साथ ही ये लोग इंटरनेट पर क्या सर्च करते थे, इसकी भी हिस्ट्री की जांच की जा रही है.

प्रियंका और उनकी नानी नारायणा. प्रियंका की जून में ही सगाई हुई थी.

रिश्तेदारों के मुताबिक घटना के दिन रात तक परिवार के लोगों से कॉल और चैट पर बात हुई थी. बातों से कुछ भी ऐसा नहीं लग रहा था कि परिवार आत्महत्या कर सकता है. साथ ही, परिवार में एक शादी भी होने वाली थी. परिजन उसकी तैयारी में लगे थे. घर का रिनोवेशन का काम चल रहा था. रात तक परिवार के लोगों ने पड़ोसियों से बात की. ऐसा कहीं से नहीं लग रहा था कि ऐसा कुछ हो सकता है.

रात को भूप्पी भाटिया ने पालतू कुत्ते को घुमाया. इसके बाद कुत्ते को छत पर ले जाकर बांध दिया. माना जा रहा है ऐसा इसलिए किया गया कि ये सब देखकर कुत्ता भौंकता और पड़ोसियों को पता लग जाता. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है. परिवार का एक बेटा और एक बेटी बच गए हैं. वो 1 जुलाई की रात को दिल्ली पहुंचे. पुलिस उनसे भी पूछताछ कर संभावित कारणों की जांच करेगी.